राज्य में ईको टूरिज्म साइटस के आबंटन के लिए राज्य सरकार की हरी झंडी मिल गई है। इसके बाद वन विभाग ने इनके आबंटन के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रदेश भर की चिन्हित 49 ईको टूरिज्म साइट्स को टेंडर प्रक्रिया के जरिए आबंटित किया जाएगा।
प्रदेश के 15 वन मंडलों में ये सभी चिन्हित साइट्स हंै। सीईओ कम सीसीएफ ईको टूरिज्म के तिरुमल ने खबर की पुष्टि की है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 49 ईको टूरिज्म साइटस के आबंटन के लिए वन विभाग ने प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
हालांकि प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 50 साइट्स को मंजूरी दी गई थी, लेकिन एक साइट्स को किन्हीं कारणों के चलते विड्रॉ कर लिया गया है।
ऐसे में अब राज्य सरकार की मंजूरी के उपरांत वन विभाग ने 49 साइट्स को लेकर प्रक्रिया शुरू की है। चिन्हित साइट्स में वन मंडल सोलन की सबसे अधिक सात, जबकि पालमपुर और मंडी की छह-छह शामिल हैं।
इसके अलावा धर्मशाला वनमंडल की एक, रोहडू दो, शिमला तीन, ठियोग दो, आनी चार, बिलासपुर दो, कुनिहार चार, नाचन दो, राजगढ़ तीन, डलहौजी चार, वाइल्ड लाइफ हमीरपुर एक और पौंटा साहिब वनमंडल की तीन साइट्स का आबंटन किया जाएगा।
प्रक्रिया के पूरा होने के बाद साइट्स को ईको टूरिज्म के लिहाज से विकसित करने समेत इनके संचालन का जिम्मा चयनित संचालक का होगा।
सरकार ने ईको टूरिज्म पॉलिसी में किया संशोधन
राज्य सरकार ने हाल ही में ईको टूरिज्म पॉलिसी में भी संशोधन किया है। इसके तहत इन सभी साइट्स का आबंटन 15 वर्षों के लिए किया जाएगा। वहीं संचालक या फिर संबंधित एजेंसी व फर्म की परफार्मेंस और अन्य तय बिंदुओं पर खरा उतरने के बाद संचालन की अवधि को पांच साल के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा।
बता दें कि प्रदेश में अब तक 17 ईको टूरिज्म साइटस को आबंटन राज्य सरकार कर चुकी है। पहले और दूसरे चरण में क्रमश: दो और पांच साइट्स को आबंटित किया गया था, जबकि तीसरे में दो और चौथे चरण के तहत आठ ईको टूरिज्म साइट्स आबंटित की गई थीं।
उधर, सीईओ कम सीसीएफ ईको टूरिज्म के तिरुमल का कहना है कि 49 ईको टूरिज्म साइट्स के आवंटन को लेकर प्रक्रिया आरंभ कर दी है।