हिम टाइम्स – Him Times

21 मार्च को आएगा हिमाचल का बजट, 18 मार्च से दो अप्रैल तक चलेगा बजट सत्र का दूसरा चरण

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 मार्च को अपना चौथा बजट पेश करेंगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण 18 मार्च से दो अप्रैल तक चलेगा। सत्र के दौरान कुल 13 बैठकें होंगी, जबकि तीन दिन अवकाश रहेगा।

चौदहवीं विधानसभा का ग्यारहवां सत्र

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सचिव यशपाल शर्मा ने चौदहवीं विधानसभा के ग्यारहवें सत्र के दूसरे चरण को लेकर मंगलवार को अस्थायी कार्यसूची जारी कर दी है। जारी अस्थायी कार्यसूची के तहत 18 मार्च को सुबह 11 बजे बजट बजट सत्र का दूसरा चरण आरंभ होगा और इस दौरान शोकोद्गार, यदि कोई हो, के अलावा शासकीय व विधायी कार्य के साथ राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण एवं चर्चा होगी।

अनुपूरक बजट प्रथम एवं अंतिम किस्त

19 मार्च को शासकीय/विधायी कार्य के अलावा अनुपूरक बजट प्रथम एवं अंतिम किस्त वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रस्तुतीकरण एवं पारण के अलावा सामान्य चर्चा, मांगों पर चर्चा एवं मतदान और विनियोग विधेयक, विचार-विमर्श एवं पारण तथा राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

धन्यवाद प्रस्ताव-चर्चा एवं पारण

20 मार्च को भी शासकीय/ विधायी कार्य के अलावा राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव-चर्चा एवं पारण होगा।

21 मार्च को बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 प्रस्तुतिकरण होगा, जिसके बाद 22 मार्च को अवकाश रहेगा। अस्थायी कार्यसूची के तहत 23, 24 और 25 मार्च को शासकीय/विधायी कार्य के अलावा बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 सामान्य चर्चा एवं समापन होगा।

मांगों पर चर्चा एवं मतदान

इससे अगले दिन 26 मार्च को फिर अवकाश रहेगा। 27 और 28 मार्च को शासकीय/विधायी कार्य के अलावा बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 मांगों पर चर्चा एवं मतदान और 29 मार्च को अवकाश रहेगा। 30 मार्च को शासकीय/विधायी कार्य से सत्र के दिन की शुरुआत होगी।

तदोपरांत बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 पर मांगों पर चर्चा एवं मतदान के अलावा विनियोग विधेयक पुर: स्थापना, विचार-विमर्श एवं पारण और 31 मार्च को शासकीय/विधायी कार्य के बाद गैर सरकारी सदस्य दिवस रहेगा।

पहला चरण 16 से 18 फरवरी तक चला

पहली और दो अप्रैल को शासकीय/ विधायी कार्य होंगे। बता दें कि इससे पहले बजट सत्र का पहला चरण तीन दिनों 16 फरवरी से 18 फरवरी तक आयोजित किया गया था, जिसमें सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को लेकर लाए संकल्प प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी और संकल्प प्रस्ताव पारित हुआ था।

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