बीबीएमबी से एरियर हासिल करना कोई सामान्य बात नहीं, बल्कि यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार की दृढ़ प्रतिज्ञा और व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा है। यह बात सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीबीएमबी केस जीतने के बाद ओक ओवर में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अपने अधिकारों की लड़ाई में एक और ऐतिहासिक जीत हासिल की है। उन्होंने बीबीएमबी के एरियर मामले में प्रदेश के पक्ष में आए फैसले को राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, मजबूत संकल्प और निरंतर कानूनी एवं राजनीतिक प्रयासों का परिणाम बताया।
उन्होंने इसका श्रेय प्रदेश की जनता को दिया। सीएम सुक्खू ने दावा किया कि अगर हमारी सरकार न होती, तो बीबीएमबी एरियर को लेने में 20 साल और लग जाते।
उन्होंने कहा कि बीबीएमबी के एरियर मामले में निर्णय आने और सर्वोच्च न्यायालय से प्रदेश के पक्ष में फैसला आने के बावजूद लगभग 15 वर्षों तक लंबित रहा और कई अवसरों पर सरकार की ओर से आवश्यक जवाब एवं प्रतिउत्तर समय पर दाखिल नहीं किए गए।
श्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2022 में सत्ता में आते ही हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर मजबूती से प्रदेश का पक्ष रखा तथा किसी भी दबाव में आए बिना अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को कोई कमजोर नहीं कर सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीबीएमबी मामले में मिली सफलता की नींव किशाऊ बांध परियोजना से संबंधित समझौते के दौरान ही रख दी गई थी।
उन्होंने कहा हिमाचल सरकार ने संबंधित पक्षों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि हिमाचल प्रदेश किशाऊ बांध परियोजना पर आगे तभी बढ़ेगा, जब हरियाणा सरकार बीबीएमबी एरियर से जुड़े मामले में प्रदेश के पक्ष में आवश्यक हलफनामा सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल करेगी।
यह शर्त प्रदेश के हितों को सर्वोपरि रखते हुए रखी गई थी और केंद्र सरकार से भी इस दिशा में सहयोग की अपेक्षा की गई थी। सीएम सुक्खू ने कहा कि बीबीएमबी एरियर से आगामी 20 वर्षों में प्रदेश को लगभग 15,000 से 20,000 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है तथा 11,973 मिलियन यूनिट बिजली मिलेगी।
इसी प्रकार किशाऊ बांध परियोजना से आगामी पांच वर्षों में लगभग 12,000 करोड़ रुपए की आय की संभावना है। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति अब तक कोई खरीद नहीं सका
सीएम सुक्खू ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां दर्शाती हैं कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता से कठिन से कठिन चुनौतियों का समाधान संभव है। वर्तमान सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को तीन साल में कोई खरीद नहीं सका।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्त्वपूर्ण है और सरकार की आलोचना करना उसका अधिकार है, लेकिन जब बात प्रदेश के अधिकारों और आर्थिक हितों की हो तो सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल के साथ खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने वर्तमान कांग्रेस सरकार को पांच वर्ष के लिए राज्य की संपदा और संसाधनों का संरक्षक बनाकर जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार इस दायित्व को पूरी निष्ठा से निभा रही है।
