हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षक (एनटीटी) भर्ती में नया पेंच फंस गया है। राज्य इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन के माध्यम से इसके लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी।
कुल 6,297 पदों को भरने का जिम्मा 14 अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया था। इसके लिए दस हजार आवेदन आए थे जिनमें महज 87 अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए हैं। ऐसे में अब एनटीटी पात्र अभ्यर्थियों को लेकर अब नया पेंच फंस गया है।
राज्य सरकार द्वारा इस मामले को लेकर कई पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। वहीं विकल्प के तौर पर हिमाचल में एनटीटी भर्ती को लेकर जेबीटी ट्रेनिंग कर चुके युवाओं को मौका देने को लेकर भी विचार किया जा रहा है। इस मामले पर कानूनी पहलू पर भी सरकार द्वारा विचार किया जा रहा है। सरकार द्वारा अब यह मामला कैबिनेट में रखा जाएगा।
सुक्खू सरकार ने किए बदलाव
सुक्खू सरकार ने सत्ता में आते ही इसके लिए नियमों में बदलाव कर प्रक्रिया शुरू की है लेकिन उपयुक्त अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण यह भर्ती मामला लटक गया है।
नियमों में मांगी छूट
समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से भी बात की थी। उन्होंने केंद्र से नियमों में छूट की मांग उठाई। अभी इस पर कोई छूट केंद्र से नहीं मिली है।
शिक्षा मंत्री बोले, बारीकी से देखे जा रहे सभी पहलू
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि एनटीटी भर्ती को लेकर अभी तक केवल 87 अभ्यर्थी ही उपयुक्त पाए गए हैं। इस मामले पर हर पहलू पर बारीकी से विचार किया जा रहा है। इस मामले को कैबिनेट में रखा जाएगा।
