हिमाचल में शहरी निकायों के साथ ही पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के कारण पिछले लगभग एक माह से लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता सोमवार को समाप्त हो जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद आदर्श आचार संहिता हटाने संबंधी अधिसूचना जारी की जाएगी। आचार संहिता समाप्त होने के साथ ही प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बढऩे की उम्मीद है।
राज्य में मुख्य रूप से जून और जुलाई के महीनों में कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से महत्त्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, आचार संहिता के चलते राज्य में रुके हुए विकास कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों और विभिन्न सरकारी योजनाओं को गति मिलेगी।
आचार संहिता के चलते राज्य सरकार और विभिन्न विभाग नई परियोजनाओं की घोषणा, विकास कार्यों की नई निविदाओं, नई नियुक्तियों, तबादलों और वित्तीय स्वीकृतियों जैसे कई महत्त्वपूर्ण निर्णय नहीं ले पा रहे थे।
अब आचार संहिता समाप्त होते ही विभागों को लंबित मामलों के निपटारे की मंजूरी मिल जाएगी। आदर्श आचार संहिता के चलते सबसे अधिक असर लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और शहरी विकास विभाग की परियोजनाओं पर पड़ा था।
करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के टेंडर जारी होने का इंतजार कर रहे थे। अब विभाग एक साथ बड़ी संख्या में निविदाएं जारी कर सकेंगे, जिससे सडक़ निर्माण, टारिंग, पेयजल योजनाओं, भवन निर्माण और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।
हिमाचल में खाली पद भरने की प्रक्रिया को मिलेगी गति
आचार संहिता के हटते ही सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है। विभिन्न विभागों और बोर्ड-निगमों में प्रस्तावित हजारों भर्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
वहीं, शिक्षा विभाग से संबंध सीबीएसई स्कूलों में 6200 शिक्षकों की नियुक्ति को भी गति मिलेगी। सरकारी विभागों के पास बहुत से लंबित प्रस्तावों और परियोजनाओं को लेकर होने वाले निर्णयों को भी आचार संहिता हटने के बाद गति मिलेगी।
