प्रदेश सरकार एलपीजी पर निर्भरता कम करने और पाइप्ड नेचुरल गैस की पहुंच बढ़ाने के लिए सीजीडी यानी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।
इस दिशा में ऊना जिले में लगभग 13,000 घरों तक पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिनमें से करीब 6,000 उपभोक्ता वर्तमान में खाना बनाने के लिए प्राकृतिक गैस का उपयोग कर रहे हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, आरडी नजीम ने आज यहां राज्य में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार की समीक्षा बैठक में इसकी जानकारी दी।
बैठक में राज्य में कार्यरत चार सीजीडी कंपनियों के समक्ष आ रही चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सीजीडी नेटवर्क भूमिगत पाइपलाइनों का आपस में जुड़ा तंत्र है, जो घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को सीधे प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करता है। उन्होंने कहा कि सीजीडी कंपनियों को नेटवर्क विस्तार में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने मार्च, 2026 में एक अधिसूचना जारी कर हिमाचल प्रदेश भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के तहत भूमि खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया है।
संशोधित प्रक्रिया के अनुसार सीजीडी कंपनियां अब अपने आवेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित सीधे निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले को प्रस्तुत करेगी।
इसके बाद निदेशक उक्त मामलों को प्रशासनिक विभाग के माध्यम से राजस्व विभाग को स्वीकृति के लिए अग्रेषित करेंगे। आरडी नजीम ने बताया कि अधिसूचना के अनुसार सीजीडी कंपनियों को सरकारी भूमि या संपत्तियों पर कार्य करने के लिए लोक निर्माण विभाग को बैंक गारंटी देनी होगी। साथ ही उन्हें खुदाई और पुनस्र्थापन कार्य संबंधित विभागों अथवा स्थानीय निकायों के अनुसार करना होगा।
सभी विभागों को निर्देश
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागों को लंबित आवेदनों पर शीघ्र कार्यवाही करने और निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीजीडी कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी संबंधित विभागों के अधिकारियों संग सक्रिय समन्वय स्थापित कर प्रक्रियाओं में तेजी लाने को कहा।