हिमाचल में मंडी ज़िला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पराशर में मनाए जाने वाले सरनाहुली पर्व के बाद मंदिर परिसर के आस-पास ऐसी तस्वीरें उभरी हैं, जिन्होंने पराशर और देवभूमि हिमाचल को शर्मसार कर दिया है।
सरनाहुली पर्व के दौरान फैलाया कूड़ा
स्थानीय युवक धूमल ठाकुर ने युवक दल के साथ जब मंदिर के आस-पास सफाई अभियान छेड़ा, तो कई शराब की बोतलें और कूड़ा एकत्र किया गया। 16 जून को मनाए गए सरनाहुली पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचे थे।
कई लोग दो दिनों तक मनाए जाने वाले की पर्व में टेंट लगाकर क्षेत्र में रुके रहे, लेकिन आयोजन समाप्त होने के बाद बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक सामग्री और शराब की खाली बोतलें वहीं छोड़ दी गईं।
पर्यटक और श्रद्धालुओं की बढ़ी आमद
यह कूड़ा मंदिर परिसर से लगभग 20 मीटर की परिधि के भीतर से एकत्र किया गया है। जब से सरनाहुली पर्व का स्वरूप बढ़ा है, तबसे लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालुओं की आमद बढ़ी है।
ऐसे में इस तरह के कृत्य देवभूमि की पवित्रता पर दाग हैं और आस्था के नाम पर अश्लीलता है। सरनाहुली पर्व देव आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्त्वपूर्ण आयोजन है, लेकिन कुछ लोगों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों ने इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
बढ़ रहा प्रदूषण
कुछ लोग धार्मिक आयोजन की आड़ में पार्टी करने और मौज-मस्ती के उद्देश्य से यहां पहुंच रहे हैं, जिससे देव संस्कृति और धार्मिक भावनाओं का अनादर हो रहा है। वहीं पराशर ऋ षि देवता के गूर ने बढ़ते प्रदूषण पर गहरी चिंता व्यक्त की।
अब नहीं हिलता झील में तैरता हुआ द्वीप
खासकर मेले के दौरान, जिसके कारण प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि कोविड काल के दौरान, जब झील में कोई हलचल नहीं थी, तब पराशर झील में तैरता हुआ द्वीप दिन में छह से सात बार हिलता था, जो झील की पवित्रता का प्रतीक था।
हालांकि, एक साल पहले द्वीप का तैरना आठ-नौ महीनों से बंद हो गया था, जिसे वे प्रदूषण के कारण उत्पन्न एक नकारात्मक आध्यात्मिक संकेत माना जा रहा था।
क्या कहते हैं कमेटी प्रधान
मंदिर कमेटी प्रधान बलवीर बताते हैं कि प्रशासन ने इस मेले को जिला स्तरीय कर दिया, लेकिन सुविधा एक भी नहीं दी। न तो प्रशासन ने शौचालय की व्यवथा की थी और न ही प्रशासन साफ-सफाई का ध्यान रखता है। प्रशासन के साथ आयोजित हुई बैठक में सदर एसडीएम से इस मेले के स्वरूप का बढ़ाने का विरोध भी किया था।
शराब की 10 लाख बोतलें
पर्यावरण प्रेमी धूमल ठाकुर बताते हैं कि 2021 से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 10 लाख शराब की बोतलें बरामद की जा चुकी हैं । श्री धूमल का कहना है कि वह हर वर्ष सफाई अभियान चलाते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से कचरा फैलाने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया।
