हिम टाइम्स – Him Times

चोटियों पर शुरू हुई बर्फबारी,सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Snowfall alert seven districts

हिमाचल प्रदेश की चोटियों में बर्फबारी शुरू हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई है। लाहुल-स्पीति जिला के हंसा में 5.0 सेंटीमीटर, कुकुमसेरी में 3.4 सेंटीमीटर, कुल्लू जिला के कोठी में 2.4, किन्नौर के पूह में 1.0 और चंबा के तिस्सा में 1.7 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है।

हिमाचल के कुल्लू जिला के निचले क्षेत्रों में मौसम साफ है और धूप खिली रही, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रोहतांग पास और अटल टनल के आसपास भारी बर्फबारी हो रही है।

यहां सुबह से लगातार बर्फबारी जारी है, जिस कारण अटल टनल के रास्ते में सोलंगनाला से आगे तीन इंच तक बर्फ की परत जम गई है। वहीं प्रदेश के निचले क्षेत्रों में दिनभर मौसम साफ बना रहा है।

हालांकि शाम के समय कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहींं हुईं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। वहीँ निचले इलाकों में देर रात से बारिश शुरू हो गई है।

वहीं 26 जनवरी तक प्रदेश में प्रश्चिमी विक्षोभ दो बार सक्रिय रहेगा। पहले 20 जनवरी तक प्रश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। इस दौरान प्रदेश में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार हैं। दूसरी बार 21 जनवरी से 26 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा।

24 से 26 जनवरी तक प्रदेश के सात जिलों में भारी बर्फबारी की संभावना है। इनमें शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा, लाहुल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिला शामिल है। ऐसे में मौसम विभाग ने जिलों को सतर्क रहने को कहा गया है। खासकर जिला प्रशासन को पहले से ही तैयारियां करने को कहा गया है।

वहीं प्रदेश में मौसम बदलने के बाद अब तापमान में भी गिरावट आने लगी है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं उपायुक्त जिला लाहौल स्पीति सुमित खिमटा ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि जिले में होने वाली बर्फ की आशंका के मद्देनजर सभी नागरिकों, पर्यटकों को सूचित किया जाता है कि वह अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें।

बर्फबारी के अलर्ट को देखते हुए सीएम सुक्खविंदर सिंह सुक्खु ने सभी विभागों को आदेश जारी कर दिए है। खासकर पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई को उन सडक़ों को चिन्हित करने को कहा गया है जो बर्फबारी के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित रहती है। उन सडक़ो को बहाल करने के लिए प्रमुखता से कदम उठाने को कहा गया है।

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