हिम टाइम्स – Him Times

धर्मशाला से श्रीनगर और मुंबई के लिए उड़ान की तैयारी

Indigo will start air service from Dharamshala to Chandigarh

कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार और यहां से नई हवाई सेवाएं शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही कांगड़ा एयरपोर्ट से सीधे श्रीनगर, मुंबई और अहमदाबाद के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने का खाका तैयार किया जा रहा है।

गुरुवार को धर्मशाला में कांगड़ा हवाई अड्डा सलाहकार समिति की बैठक में हवाई अड्डे के विस्तार, संचालन में आ रही दिक्कतों, आधुनिक सुविधाओं के उन्नयन और नई उड़ानों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने की। बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई।

सांसद ने बताया कि हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आगामी प्रक्रिया जारी है। राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है, और जल्द इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

वर्तमान में कांगड़ा हवाई अड्डे पर छह उड़ानें आती और छह जाती हैं। नई हवाई सेवाएं शुरू करने में विमानन कंपनियों की ओर से बताई जा रही समस्याओं को केंद्रीय स्तर पर उठाकर समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में धर्मशाला से श्रीनगर के लिए हवाई सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी सामने आया। इसके तहत धर्मशाला से जम्मू और वहां से श्रीनगर के लिए संपर्क उड़ान शुरू करने की संभावना पर विचार किया गया।

हालांकि रनवे की मरम्मत पूरी होने के बाद ही इस प्रस्ताव पर आगे बढऩे की संभावना है। मुंबई और अहमदाबाद से धर्मशाला के लिए सीधी उड़ान शुरू करने पर भी चर्चा हुई।

11 या 12 अक्तूबर तक रेल सेवा बहाली की उम्मीद
कांगड़ा घाटी रेल सेवा को लेकर सांसद ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मंडल रेल प्रबंधक के साथ प्रभावित रेल ट्रैक के करीब तीन से चार किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण किया।

ट्रैक की मरम्मत का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। ऐसे में 11 या 12 अक्तूबर के आसपास रेल सेवा बहाल होने की उम्मीद है। वहीं, रानीताल-घट्टा टोल बैरियर और फोरलेन से जुड़े मुद्दों पर सांसद ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजनाओं की समीक्षा के लिए बिलासपुर में बैठक प्रस्तावित है।

इसमें स्थानीय लोगों की समस्याओं के साथ टोल दरों से जुड़े मुद्दे भी केंद्रीय स्तर पर उठाए जाएंगे।

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