औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ की सबसे महत्त्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन के शेष निर्माण कार्य का ठेका आखिरकार नई निर्माण कंपनी को मिल गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने करीब 594 करोड़ की अनुमानित लागत वाले शेष कार्य के लिए गणपति भारत प्राइवेट लिमिटेड की 378.48 करोड़ की सबसे कम वित्तीय बोली को स्वीकार करते हुए कंपनी को कार्य आबंटित कर दिया है।
कंपनी ने अनुमानित लागत से करीब 215.52 करोड़ यानी 36.28 प्रतिशत कम बोली लगाकर ठेका हासिल किया है। करीब डेढ़ वर्ष से रुकी इस परियोजना को नया ठेकेदार मिलने के साथ ही इसके दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।
हालांकि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कंपनी को परफर्मेंस बैंक गारंटी जमा करनी होगी। फिर अनुबंध पर हस्ताक्षर होंगे और एनएचएआई की ओर से साइट हैंडओवर की जाएगी।
पिछली बार भी कम बोली के कारण लटका था काम
इस परियोजना में सबसे बड़ा सवाल फिर कम बोली को लेकर उठ रहा है। वर्ष 2022 में भी गुजरात की पटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने अनुमानित लागत से करीब 37 प्रतिशत कम दर पर ठेका हासिल किया था। शुरुआत में काम तेजी से चला, लेकिन कुछ वित्तीय समस्याओं के चलते कंपनी ने जून, 2025 में परियोजना छोड़ दी। इसके बाद निर्माण पूरी तरह बंद हो गया और एनएचएआई को दोबारा पूरी टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी।
बीबीएन के विकास की धुरी है परियोजना
करीब 36 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 17.37 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश में है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग हिमाचल के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन को हरियाणा और पंजाब से जोड़ता है। परियोजना पूरी होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी, यात्रा समय कम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत भी घटेगी। इसके बीबीएन, पिंजौर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
अब तक क्या-क्या हुआ
अप्रैल 2022: पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन परियोजना का निर्माण शुरू, सितंबर 2024 में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित
जून 2025: पटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने करीब 45 प्रतिशत कार्य पूरा करने के बाद परियोजना छोड़ दी।
जुलाई 2025: एनएचएआई ने सडक़ के रखरखाव और पैचवर्क के लिए अंतरिम एजेंसी नियुक्त की।
सितंबर 2025: शेष निर्माण कार्य के लिए दोबारा टेंडर जारी किए गए। टेंडर के लिए विभिन्न कारणों से अंतिम तिथि 22 बार बढ़ी
जून 2026: 11 कंपनियों ने तकनीकी बोलियां दाखिल कीं।
जुलाई 2026: सभी 11 कंपनियां तकनीकी मूल्यांकन में सफल अब राजस्थान की गणपति भारत प्राइवेट लिमिटेड ने 378.48 करोड़ की सबसे कम बोली लगाकर ठेका हासिल कर लिया है। सभी औपचारिकताओं के साथ मानसून के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है।
