हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में मानसून के उत्तराखंड तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
ऐसे में 30 जून तक मानसून हिमाचल प्रदेश में भी प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग ने इसी अवधि में प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होने का अनुमान जताते हुए 30 जून और पहली जुलाई के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
हालांकि प्रदेश में फिलहाल हो रही बारिश मानसून की नहीं, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों का परिणाम है। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर 3.1 से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है।
इसके अलावा मध्य पाकिस्तान और उत्तर राजस्थान के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। वहीं राजस्थान से बिहार तक एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) भी बनी हुई है। इसके प्रभाव से हिमाचल सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम लगातार बदला हुआ है।
इसी वजह से प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी है। गुरुवार को भी राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई।
बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 48.2 मिलीमीटर वर्षा कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में दर्ज की गई। इसके अलावा घमरूर में 39.4 मिलीमीटर, मलराओं में 33 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 30.2 मिलीमीटर, बिलासपुर सदर में 25.2 मिलीमीटर, सोलन में 12.5 मिलीमीटर और शिमला में 10.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
धर्मशाला में 4.3 मिलीमीटर, पालमपुर में 2.8 मिलीमीटर तथा मंडी में 1.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। कई स्थानों पर बिजली चमकने और गर्जन की घटनाएं भी दर्ज की गईं।
सुंदरनगर में ओलावृष्टि हुई, जबकि ताबो में 57 किलोमीटर प्रति घंटा, सुंदरनगर में 46 किलोमीटर प्रति घंटा और बिलासपुर में 44 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
तीन दिन अंधड़ का अलर्ट
मौसम विभाग ने 26 से 29 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अंधड़, गर्जन और बिजली चमकने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
वहीं 30 जून और पहली जुलाई को वर्षा की तीव्रता बढ़ने के आसार हैं तथा कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
