हिमाचल में पंचायत चुनावों का मंगलवार को ऐलान हो गया। हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए चुनाव शेड्यूल का ऐलान किया।
इसके तहत मतदान तीन चरणों में होंगे, जो कि 26, 28 मई और 30 मई को होंगे। उम्मीदवार सात, आठ और 11 मई को नामांकन पत्र भर सकेंगे, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 12 मई को होगी।
नामांकन वापसी का समय 14 व 15 मई को होगा। पंचायत समिति और और जिला परिषद चुनावों की गणना 31 मई को होगी।
राज्य चुनाव आयोग ने प्रेस कान्फ्रेंस के जरिए बताया कि प्रदेश में कुल 31,182 पदोंं के लिए चुनाव होगा, जिसमें प्रधान पद के 3754 और उपप्रधान के लिए 3754 पदों पर मतदान होगा।
इसी तरह वार्ड पंच के 21,654 पदों के लिए चुनाव होगा। पंचायत समिति सदस्यों के लिए 1769 और जिला परिषद सदस्यों के लिए 251 पदों पर मतदान होगा।
जिला कुल्लू के कारज, रसोल, जाबन और नामोक में आचार संहिता लागू नहीं होगी, क्योंकि इन पंचायतों का कार्यकाल 9 फरवरी, 2027 को खत्म हो रहा है।
50.79 लाख से ज्यादा वोटर
इस बार पंचायत चुनावों में कुल 50,79,019 वोटर हिस्सा लेंगे, जिनमें 52,300 नए वोटर हैं, जो पहली बार मतदान करेंगे। पंचायत चुनावों में इस बार 15,656 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
प्रदेश में 5079048 मतदाताओं की संख्या है। इसमें पुरुष मतदाता 25,67,770, महिला मतदाता 2511249। प्रदेश में कुल 21,678 मतदान केंद्र स्थापित होंगे।
हल्का हरा प्रधान, पीला उप्रधान
प्रदेश में सबसे ऊंचाई वाला मतदान केंद्र 4587 मीटर में स्थापित किया गया है। इस बार पांच अलग अलग बेलैट पेपर में वोट डाल सकेंगे।
इसमें प्रधान के लिए हल्का हरा बेलेट पेपर, उपप्रधान के लिए पीला बैलेट पेपर, पंचायत सदस्य को सफेद, पंचायत समिति को गुलाबी, जिला परिषद सदस्य के लिए हल्का नीला बेलेट पेपर होगा।
कौन, कितना खर्च करेगा
पंचायत चुनाव में खर्च की सीमा तय की गई है। इसके तहत जिला परिषद सदस्य चुनाव में एक लाख रुपए से ज्यादा नहीं खर्च कर सकेंगे।
बाकी के लिए खर्च की कोई सीमा नहीं है। यानी कि प्रधान, उपप्रधान, वार्ड मेंबर और पंचायत समिति सदस्यों के लिए खर्च की कोई सीमा नहीं है।