हिमाचल प्रदेश सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है, जिनकी भर्ती 15 मई, 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के विरुद्ध हुई थी, लेकिन नियुक्ति बाद में होने के कारण वे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के दायरे में आ गए।
वित्त (पेंशन) विभाग ने 9 जुलाई, 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से ऐसे कर्मचारियों को एकमुश्त अवसर (वन टाइम ऑप्शन) देते हुए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) यानी सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के तहत आने का विकल्प देने का निर्णय लिया है।
पात्र कर्मचारी 31 अक्टूबर 2026 तक यह विकल्प भर सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक बार दिया गया विकल्प अंतिम और उसके बाद कोई विकल्प नहीं दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में 1 अप्रैल 2023 से पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी थी। इसके बाद 15 मई, 2003 से 31 मार्च, 2023 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को ओपीएस अथवा एनपीएस में से किसी एक योजना का विकल्प चुनने का अवसर दिया गया था।
इसके बावजूद ऐसे कर्मचारियों की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि जिन पदों का विज्ञापन 15 मई 2003 से पहले जारी हुआ था, लेकिन नियुक्ति बाद में हुई, उन्हें भी केंद्र सरकार की तर्ज पर पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
सरकार ने इन मांगों और भारत सरकार के 3 मार्च 2023 के कार्यालय ज्ञापन का अध्ययन करने के बाद अब यह फैसला लिया है। इसके अनुसार ऐसे सभी राज्य कर्मचारी, जिनकी नियुक्ति 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के विरुद्ध हुई है, उन्हें भी सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के तहत आने का एकमुश्त विकल्प दिया जाएगा।
इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे। कर्मचारी संगठनों ने भी इसे महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए सरकार के कदम का स्वागत किया है।
