मंडी : बरसात शुरू होते ही बारिश ने फिर हाईवे की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे और कोटली से गुजर रहे एनएच-003 पर सफर करना मुश्किल होने लगा है।
शुक्रवार को चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी से औट के बीच कई संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन, पहाडिय़ों से पत्थर गिरने और सडक़ पर कीचड़ व पानी भरने के कारण यातायात कई बार प्रभावित हुआ।
हालांकि प्रशासन और विभागीय मशीनरी की त्वरित कार्रवाई से धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही बहाल होती रही, लेकिन यात्रियों को कई जगह घंटों जाम की परेशानी झेलनी पड़ी।
मैगल वैकल्पिक सडक़ पर भी स्कूल बस फंसने से जाम लगा रहा। यहां लबांडी में जमीन का एक बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा है, जिससे यह सड़क वाहनों के लिए बंद कर दी गई है और वाहनों को मैगल से होते हुए गुजारा जा रहा है। लबांडी में लैंडस्लाइड होने के कारण वाहनों को मैगल लिंक रोड से निकाला जा रहा था।
इसी दौरान मैगल के कच्चे लिंक मार्ग पर निजी स्कूल बस फंस गई, जिससे करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। यदि इस लिंक रोड़ को पहले ही पक्का कर दिया गया होता तो बरसात के समय यात्रियों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
उधर, कोटली से गुजरने वाले एनएच-003 पर भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुराड़ी के पास लैंडस्लाइड होने से सडक़ करीब दो घंटे तक बंद रही। यह स्थान हर बारिश में परेशानी का कारण बनता है।
कोटली के एसडीएम जगदीश ने बताया कि प्रशासन ने सडक़ बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखी है। उन्होंने कहा कि किसी भी मार्ग के बाधित होने पर वाहनों को दूसरे वैकल्पिक रास्तों से निकाला जा रहा है, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
पहाड़ों ने बरसाए पत्थर
शुक्रवार सुबह करीब छह बजे हणोगी पुल से पहले झलोगी क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
दिनभर बारिश के बीच डयोड, रैस नाला और झलोगी सहित कई संवेदनशील स्थानों पर पहाडिय़ों से पत्थर गिरते रहे। नौ मील के पास सडक़ पर कीचड़ और पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़कें और बिजली बंद
लगातार हो रही भारी बारिश से मंडी जिला में 39 सडक़ें बंद हैं। जिसमें 36 ग्रामीण सड़कें और 3 एमडीआर सडक़ें शामिल हैं। राहत की बात यह रही कि राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया। यह कुछ समय के लिए बंद रहे।
जिले के थलौट, सराज, सुंदरनगर, करसोग, गोहर और सरकाघाट क्षेत्रों में सड़कें अभी भी प्रभावित हैं। बारिश के कारण सबसे ज्यादा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा था। सुबह 10 बजे जिले में 164 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (डीटीआर) प्रभावित थे।
