शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रोहड़ू में सक्रिय एक अंतरराज्यीय चिट्टा सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस थाना रोहड़ू की टीम ने मामले की गहन जांच के बाद नेटवर्क से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार हिमाचल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पंजाब से जुड़े हुए थे। पुलिस के अनुसार पुलिस थाना रोहड़ू में अभियोग संख्या 31/2026 के तहत यह मामला दर्ज किया गया था।
मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रोहड़ू निवासी पिंकू राम और सुनील पुहारता को करीब 53 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ और जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने चिट्टे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की। इसके अलावा बैंक खातों में हुए लेनदेन का विश्लेषण किया गया और यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि चिट्टा आरोपियों तक कहां से पहुंच रहा था।
पुलिस ने सप्लाई की कड़ी को पीछे की ओर जोड़ते हुए बैक वर्ड लिंकेज की जांच की। इसी जांच के आधार पर पुलिस ने सलमान हैदर निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश और 29 वर्षीय थॉमस मसीह निवासी काला अफगाना, जिला गुरदासपुर, पंजाब को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार जांच में दोनों आरोपियों की पहचान इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ के आधार पर चिट्टे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सप्लाई की अगली कड़ी यानी फॉरवर्ड लिंकेज पर भी काम किया। इसी आधार पर पुलिस थाना रोहड़ू की टीम ने मनोज ठाकुर उर्फ सन्नी, उम्र 33 वर्ष, निवासी गांव करालश, डाकघर कांसाकोटी, तहसील एवं थाना रोहड़ू, जिला शिमला को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि चिट्टा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय नशा तस्करों और उनके नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।