हिम टाइम्स – Him Times

अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बिलिंग घाटी में इस वर्ष नहीं हो रहा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजन

Pre World Cup starts in Billing

दुनिया भर में अपनी सुंदरता, ऊंचाई और चकाचौंध के लिए जानने वाली बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग इस बार राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजन का इंतजार करती रह गई, लेकिन पर्यटन विभाग अपनी निद्रा ही त्याग नहीं पाया।

एशिया की सबसे बेस्ट, दुनिया की सबसे ऊंची और रैंकिंग में विश्व की दूसरी बेस्ट साइट पर नजर अंदाजी की ऐसी परत चढ़ रही है कि न विकास हो पा रहा है और न ही प्रतियोगिता।

बीड़-बिलिंग टेक ऑफ प्वाइंट की ऊंचाई 2400 मीटर है, जबकि दुनिया की नंबर वन साइट तुर्की की ओलुडनिज की हाइट 1960 मीटर है। बिलिंग में धौलाधार की सुंदरता, लंबी उड़ान, स्पेस, बेहतर लैंडिंग साइट दुनिया भर के रोमांच को आकर्षित करती है।

यह साइट मई 1984 में दुनिया के नक्शे पर उभरी थी और सबसे बड़ा पहला आयोजन ‘हैंग ग्लाइडिंग फ्लाइंग’ कंपीटीशन हुआ था, उस समय 13 देशों के 43 पायलट शामिल हुए थे, लेकिन इस बार अपने वार्षिक रोमांचक आयोजन से वंचित रह सकती है।

हर वर्ष अक्तूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर की शुरुआत में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैराग्लाइडिंग प्रतिस्पर्धाएं आयोजित होती हैं, जो न केवल साहसिक खेल प्रेमियों को आकर्षित करती हैं, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं।

इस बार आयोजन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। अक्तूबर माह आधा बीत चुका है, लेकिन न तो बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन, जो हर साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैराग्लाइडिंग प्रतिस्पर्धा में पर्यटन विभाग से मिल इवेंट करवाने में अहम भूमिका निभाती आ रही थी, की ओर से न ही कोई बैठक हुई है, न ही पर्यटन विभाग ने आयोजन को लेकर कोई रुचि दिखाई है।

यह चुप्पी उन सैकड़ों पायलटों और पर्यटकों के लिए चिंता का विषय बन गई है, जो हर साल इस प्रतियोगिता का बेसब्री से इंतजार करते हैं। वहीं प्रतिस्पर्धा के आयोजन से बीड़-बिलिंग के होटल, कैफे, टैक्सी सेवाएं और अन्य व्यवसायों को सीधा लाभ मिलता है।

स्थानीय पैराग्लाइडिंग पायलटों और पर्यटन व्यवसाायियों ने प्रशासन से मांग की है कि आयोजन को लेकर जल्द निर्णय लिया जाए। हर साल बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के साथ मिल कर पर्यटन विभाग बिलिंग में पैराग्लाइडिंग प्रतिस्पर्धा का आयोजन करवाता था, मगर इस बार बीपीए द्वारा भी किसी तरह की पैराग्लाइडिंग प्रतिस्पर्धा करवाने बारे पहल नहीं दिखाई।

बीड़ बिलिंग ही क्यों?

दुनिया का सबसे बड़ा और बेस्ट टेक ऑफ प्वाइंट और ऊंचाई 2400 मीटर। यहां के शानदार नजारे, उड़ान भरते समय धौलाधार और कांगड़ा घाटी का आसमान से विहंगम दृश्य सबको आकर्षित करते हैं। साथ ही यहां की थर्मल और हवा की गति पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व भर में सबसे और बेहतरीन समझी जाती है।

2015 में पहला वर्ल्ड कप

साल 1992 में लेकर अब तक बीच में कुछ बरसों को छोड़ कर हर साल राष्ट्रीय या फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाती रही हैं, जिनमें दुनिया भर के विभिन्न देशों से पैराग्लाइडिंग गतिविधियों में शीर्ष स्थान अर्जित करने वाले पायलटों ने हिस्सेदारी निभाई।

बिलिंग घाटी में 2015 में पहला पैराग्लाइडिंग वल्र्ड का बखूबी आयोजन हुआ था। अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतिस्पर्धाएं आयोजित होने से ही बिलिंग घाटी विश्व भर में जानी जाती है। यहां एक विदेशी पैराग्लाइडर पायलट ने विश्व रिकार्ड बनाया था।

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