देश की 10 बड़ी ट्रेड यूनियनों के अखिल भारतीय हड़ताल के आह्वान पर हिमाचल में भी इसका असर देखा गया। हिमाचल में सीटू के बैनर तले मोदी सरकार द्वारा देश में बनाए गए चारों लेबर कोड, मनरेगा को खत्म करने के विरोध में, और बिजली बोर्डों का निजीकरण कर स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में जुलूस निकाला गया।
सीटू जिला कमेटी हमीरपुर ने हमीरपुर में हड़ताल की व शहर के बीचों-बीच जुलूस निकालते हुए गांधी चौक पर विशाल जनसभा को संबोधित भी किया।
सुबह से ही सीटू की अलग-अलग यूनियनों से जुड़े हजारों मजदूरों के अलग अलग जत्थे नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर के पास इकट्ठा हुए और उसके बाद हमीरपुर शहर से रैली निकालते हुए गांधी चौक पर सभा की।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर ठाकुर ने कहा कि आज की हड़ताल मोदी सरकार द्वारा देश की मेहनतकश लोगों की गुलामी के लिए बनाये गये चारों लेबर कोड के विरोध में, मनरेगा को खत्म करने के विरोध में, बिजली बोर्डों का निजीकरण करके स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में की जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश के मजदूरों ने अंग्रेजों से लड़ कर यूनियन बनाने का अधिकार हासिल किया था, जिसे आज खत्म किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद भी लंबी लड़ाई और अनगिनत कुर्बानियों के बल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए श्रम कानून बनाये गये थे।
इन 29 श्रम कानूनों को मोदी सरकार ने समाप्त करके चार लेबर कोड बनाए हैं, जो कि मजदूरों के गले का फंदे हैं, जिसकी डोर देश, विदेश के पूजीपतियों के हाथ में है।
आज की हड़ताल के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने भी अपनी तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी, जिनको ठेका प्रथा के तहत रखा गया था और न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है।
पूरे देश में अब स्थाई रोजगार को समाप्त करके अंशकालीन भर्ती की जा रही है, जिसमें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है और ना ही रोजगार की सुरक्षा है हिमाचल प्रदेश में भी अब जो मित्रों के नाम पर, जल मित्र, पशु मित्र, बन मित्र, ट्रैफिक़ मित्र और इस तरह की भर्तियां की जा रही हैं जिससे देश के युवाओं का शोषण भयंकर तरीके से बढ़ेगा।
सभा को सीटू के जिला सचिव जोगिंदर कुमार, अध्यक्ष संतोष कुमार, प्रताप राणा, रंजन शर्मा, धर्म सिंह, सुषमा, नवीन व जितेंद्र धीमान आदि ने भी संबोधित किया।