जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है। इससे कई लोग लापता हैं और कई घरों तथा संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
अधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से राजौरी और पुंछ जिलों में चारों तरफ भारी तबाही हुई है।
उन्होंने कहा कि पुंछ के सुरनकोट और हवेली सहित विभिन्न हिस्सों में नौ लोगों की मौत की रिपोर्ट है, जबकि मंडी इलाके में भी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।
हालांकि, कई लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। राजौरी जिले में अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से एक महिला की जान चली गई।
सुबह-सुबह हुई मूसलाधार बारिश से राजौरी के कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे भारी तबाही हुई। अधिकारियों के मुताबिक, “एक महिला की मौत हो गई है जबकि चार लोग लापता बताए जा रहे हैं।
अचानक आए पानी के तेज बहाव में दर्जनों गाड़ियां बह गईं या पूरी तरह खराब हो गईं, और कई रिहायशी एवं व्यावसायिक इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।”
पूरे जम्मू क्षेत्र में खराब मौसम और भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा और श्री शिव खोड़ी की तीर्थयात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की खराब मौसम की चेतावनी के मद्देनजर यात्रा को अस्थाई रूप से रोकने का ऐलान किया।
इस बीच, प्रशासन ने रियासी जिले के रानसू इलाके में भारी बारिश और खराब मौसम के बाद श्री शिव खोड़ी गुफा की यात्रा भी रोक दी है। भारी बारिश के कारण सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर भी गाड़ियों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि जखियानी और चेनानी के बीच कई जगहों पर कीचड़ का मलबा और पहाड़ से पत्थर गिरने की घटनाएं हुईं, जिसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने उधमपुर जिले में सड़क साफ करने का काम तुरंत शुरू कर दिया।
प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने और सड़कों की साफ सफाई होने तक संवेदनशील इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में व्यापक बारिश की संभावना जताई है और संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ से पत्थर गिरने की चेतावनी दी है।
किश्तवाड़ जिले के दच्छन में सरनू (कियाड़) इलाके में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने क्षेत्र में संपत्ति और खेती की ज़मीन को भारी नुकसान पहुंचाया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना में किसी की जान जाने का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लगातार हो रही बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद राजौरी और पुंछ में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की है। उपराज्यपाल खुद हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
उन्होंने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं और यह सुनिश्चित किया है कि आपातकालीन टीमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उपराज्यपाल ने निवासियों से शांत रहने और सरकारी सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
श्री सिन्हा ने एक संदेश में कहा, “मैंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और लगातार हो रही बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित राजौरी तथा पुंछ के हालात की समीक्षा की।”
उन्होंने बताया कि राजौरी में नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, राज्य आपदा मोचन बल और स्थानीय स्वयंसेवकों की बचाव टीमें जमीन पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। प्रभावित परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं और वे तुरंत राहत पहुंचाने तथा मरम्मत के काम को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने लिखा, “मैं निवासियों से शांत रहने और सरकारी सूचनाओं का पालन करने की अपील करता हूं। राजौरी और पुंछ के हवेली व सुरनकोट इलाकों में लोगों की मौत से मुझे गहरा दुख हुआ है।
मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।भारी बारिश से राजौरी और पुंछ में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है। मैंने अधिकारियों को दोनों जिलों में सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता देने का निर्देश दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि आपातकालीन टीमें पूरी तरह तैयार रहें।”
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह जम्मू के कुछ हिस्सों, खासकर राजौरी शहर और आसपास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश से पैदा हुए हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं।
