हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में सर्दियों ने विधिवत रूप से दस्तक दे दी है। जिले की सबसे ऊंची और पवित्र चोटी चूड़धार में बुधवार शाम सीजन की पहली हल्की बर्फबारी हुई। इस बर्फबारी के बाद पूरे पहाड़ी क्षेत्र के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और बर्फीली हवाओं के चलने से इलाके में ठिठुरन बढ़ गई है।
समुद्र तल से करीब 3,647 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिरगुल महाराज की तपोस्थली चूड़धार के मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ियों पर करीब एक-एक इंच तक बर्फ जम गई है।
बर्फबारी के बाद चूड़धार और इसके आसपास के क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सर्दियों के गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
चूड़धार में हुई बर्फबारी का सीधा असर सिरमौर के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों के तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। समुद्र तल से 2,680 मीटर की ऊंचाई पर बसे हरिपुरधार में पारा तेजी से लुढ़क कर 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है।
वहीं, करीब 2,175 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नौहराधार में तापमान 8 से 10 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया है। अधिक ऊंचाई पर होने के कारण हरिपुरधार में ठंड का असर नौहराधार की अपेक्षा काफी अधिक महसूस किया जा रहा है।
सीजन की इस पहली बर्फबारी के बाद सिरमौर के ऊंचाई वाले इलाकों में शी लहर का असर साफ नजर आने लगा है। तापमान गिरने और ठंडी हवाओं के कारण स्थानीय लोगों की सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय ठिठुरन इतनी बढ़ गई है कि लोग घरों के अंदर रहने या अलाव का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं।
