अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के समापन समारोह पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देवभूमि कुल्लू को विकास कार्यों और देव संस्कृति के संरक्षण की कई सौगातें दीं।
ऐतिहासिक लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने देवी-देवताओं के नजराने में पांच प्रतिशत और बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा कर देव समाज को सम्मान दिया। इसके साथ ही गूरों और महिला मंडलों के लिए भी आर्थिक सहायता का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक गूर को 1100-1100 रुपए देने तथा महिला मंडलों को 35-35 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा की। इन घोषणाओं से कुल्लू की समृद्ध देव परंपरा, लोक संस्कृति और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं के साथ बजंतरियों, कारकूनों और देवलुओं की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में नजराने और मानदेय में बढ़ोतरी को देव समाज के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कुल्लू-मनाली लेफ्ट बैंक मार्ग की टायरिंग के लिए पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की। भुंतर शहर में सीवरेज व्यवस्था के विस्तार के लिए 22 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। इससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भुंतर में विद्युत उपमंडल-दो खोलने की घोषणा कर क्षेत्र की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया। वहीं, कमांद से बाराहार सड़क के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की गई।
बजौरा स्कूल में रिटेनिंग वॉल और साइंस लैब को सुरक्षित रखने के लिए 21 करोड़ रुपए देने का ऐलान भी किया गया। इससे विद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का रास्ता खुलेगा।
कुल्लू दशहरा के समापन पर मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं में देव संस्कृति के सम्मान से लेकर सड़क, बिजली, सीवरेज और शिक्षा तक कई अहम क्षेत्र शामिल रहे। उत्सव के मंच से मिली इन सौगातों से जिले में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जगी है।
