हिम टाइम्स – Him Times

केंद्र ने हिमाचल को दी 239.45 करोड़ की सौगात

Kiratpur-Manali National Highway update

केंद्र ने मंगलवार के दिन हिमाचल के लिए दो बड़ी सौगातें दी है। इसके तहत केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने प्रदेश की दो सड़क परियोजनाओं के लिए 239.45 करोड़ रुपए की राशि मंजूर कर दी है।

इनमें छैला-नेरीपुल-यशवंतनगर-कुमारहट्टी और टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखडी-खमाड़ी रोड़ शामिल है। सेंट्रल रोड़ एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआरआईएफ) के तहत मंत्रालय ने स्वीकृति दी है।

लिहाजा प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के इन दोनों सड़क परियोजनाओं को लेकर किए प्रयास यहां पर रंग लाए हैं और अब इन सड़कों का कायाकल्प होने की राह भी आसान हो गई है।

जानकारी के अनुसार केंद्रीय सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सीआरआईएफ के तहत छैला-नेरीपुल-यशवंतनगर-कुमारहट्टी सडक़ के लिए 203.52 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है।

करीब 36 किलोमीटर लंबी यह सडक़ तीन जिलों से होकर गुजरती है। प्रदेश सरकार की ओर से इस सडक़ के अपग्रेडेशन के लिए प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा था।

वहीं, मंत्रालय ने टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखड़ी-खमाड़ी रोड़ के लिए भी सीआरआईएफ के तहत 35.93 करोड़ की राशि मंजूर की है। इस राशि से 16 किलोमीटर सडक़ पर कार्य होना है।

अहम है कि राज्य सरकार की ओर से दोनों सडक़ परियोजनाओं को लेकर एक डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजी थी।

इसके बाद मुख्यमंत्री सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह प्रदेश की दोनों ससड़क परियोजनाओं को लेकर मामला केंद्र के समक्ष उठाते रहे।

मुख्यमंत्री ने इसी वर्ष जनवरी माह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुलाकात के दौरान छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर- कुमारहट्टी रोड़ के लिए धनराशि देने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की थी।

सड़क नेटवर्क सुधारेंगे

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए वह हमेशा आवाज उठाते रहे है। दो सडक़ परियोजनाओं के लिए सीआरआईएफ के तहत राशि मंजूर होने से बागबानों और किसानों को सीधे तौर पर भविष्य में फायदा मिलेगा।

बकौल मंत्री प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और इनके सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। केंद्र के समक्ष मजबूती के साथ हिमाचल का पक्ष रखते आए है और भविष्य में भी प्रदेश हित के लिए आवाज उठाते रहेंगे।

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