हिम टाइम्स – Him Times

स्कूल टाइम के बाद नहीं होगा जनगणना का कार्य

जनगणना ड्यूटी को लेकर जिलाधीशों ने अपने आदेश बदले हैं। डीसी हमीरपुर समेत कुछ जिलों में यह स्पष्ट किया गया है कि जनगणना का काम विद्यालय समय के बाद, अवकाश के दिनों या छुट्टियों में ही किए जाने की अनिवार्यता नहीं है।

कार्यालय समय के अतिरिक्त जनगणना कार्य करवाने का प्रावधान केवल सुविधा और व्यवहारिकता के आधार पर था, न कि अनिवार्य व्यवस्था के रूप में।

नए स्पष्टीकरण के अनुसार, गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक भौगोलिक परिस्थितियों, यात्रा संबंधी आवश्यकताओं, क्षेत्रीय वास्तविकताओं, सुरक्षा कारणों तथा अन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सामान्य कार्यावधि के दौरान भी फील्ड सर्वे, हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) तैयार करने, सत्यापन और अन्य जनगणना गतिविधियां संचालित कर सकेंगे।

आदेशों में उपनिदेशक उच्च शिक्षा तथा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा, हमीरपुर को निर्देश दिए गए हैं कि जनगणना ड्यूटी में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराया जाए।

विशेष रूप से हाउस लिस्टिंग ब्लॉक और अन्य महत्त्वपूर्ण चरणों के दौरान ऐसे कर्मचारियों को सामान्यत: जनगणना कार्यों में ही संलग्न रखा जाएगा।

हालांकि, किसी विशेष परिस्थिति में यदि जनगणना कार्य में लगे गणनाकर्ता या पर्यवेक्षक को विद्यालय संबंधी कार्यों में लगाना सार्वजनिक हित में आवश्यक पाया जाता है, तो ऐसी तैनाती संबंधित उपनिदेशक की पूर्व स्वीकृति से और न्यूनतम आवश्यक अवधि के लिए ही की जा सकेगी।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को जनगणना गतिविधियों की नियमित निगरानी करने तथा भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त तथा निदेशक जनगणना संचालन, हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले कई जिलों में हुए स्कूल टाइम के बाद सर्वे करने के आदेशों के खिलाफ टीचर हाई कोर्ट चले गए थे। वहां इस केस की सुनवाई अभी होनी है। इस बीच में कई जिलों ने अपने आदेशों में संशोधन कर दिया है।

उधर, जनगणना ड्यूटी के बदले हुए आदेशों का शिक्षक संघों ने भी स्वागत किया है। सर्व टीजीटी महासंघ के महासचिव सुनील शर्मा और उनकी टीम शनिवार सुबह से ही उपायुक्त कार्यालय के संपर्क में थी।

ज्वाइंट टीचर्स फेडरेशन और स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष अजय नेगी ने कहा कि इस निर्णय से शिक्षकों के अवकाश के दिनों की गरिमा बनी रहेगी तथा वे अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। साथ ही विद्यालयी शिक्षण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा और छात्र हित सर्वोपरि बना रहेगा।

Exit mobile version