हिमाचल प्रदेश में मौसम में आए बदलाव के चलते शिमला जिला के रोहड़ू की प्रसिद्ध चांशल घाटी और चांशल पास में भी हिमपात हुआ है। किन्नौर, लाहुल-स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने से ठंड बढ़ गई है।
राजधानी शिमला में सुबह अंधड़ के साथ हल्की बारिश हुई और दिनभर बादल छाए रहे। लाहुल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान शिमला, सिरमौर, मंडी और कांगड़ा जिला में आंधी व गरज के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। आगामी दो नवंबर तक ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की आशंका जताई है। चांशल घाटी शिमला जिला के रोहड़ू क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं।
चांशल घाटी का सडक़ रोहड़ू को डोडराक्वार से जोड़ता है। यहां ताजा हिमपात से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दी का असर बढ़ गया है। ताबो में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
कुकुमसेरी में कड़ाके की ठंड के कारण प्राकृतिक जलस्रोतों का पानी जमना शुरू हो गया है। किन्नौर के कल्पा में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री और शिमला जिला के कुफरी में 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 30 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में तेज हवाओं, बिजली चमकने और बारिश की आशंका जताई गई है।
31 अक्तूबर से दो नवंबर तक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब रहने और बर्फबारी होने की संभावना है। दो नवंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में खराब मौसम रहने का अनुमान है। तीन और चार नवंबर को मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।
