देश के कई राज्यों में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों तक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
इस दौरान कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 13 से 15 अक्टूबर तक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलेंगी। 16 से 18 अक्टूबर तक इन राज्यों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
पंजाब में 15 अक्टूबर तक बारिश के आसार
आईएमडी के मुताबिक पंजाब में 13 और 14 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 15 अक्टूबर को राज्य के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 15 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम खराब रह सकता है।
हिमाचल में 14 और 15 अक्टूबर को बढ़ेगी बारिश
पश्चिमी विक्षोभ का असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 13 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान जताया है। इसके बाद 14 और 15 अक्टूबर को राज्य के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 16 से 18 अक्टूबर के बीच भी कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 13 से 15 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका है। उत्तराखंड में 15 और 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने का अनुमान है।
जम्मू में 19 सेंटीमीटर बारिश दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह 8:30 बजे से सोमवार सुबह 5:30 बजे तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ज्यादातर स्थानों पर बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान जम्मू में 19 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
किसानों को फसल बचाने की सलाह
बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है। किसानों को खड़ी फसलों में फिलहाल सिंचाई नहीं करने और खेतों में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके अलावा जिन किसानों ने फसल काट ली है, उन्हें उपज सुरक्षित स्थान पर रखने या तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है। बागवानी फसलों, सब्जियों और छोटे फलदार पौधों को सहारा देने को भी कहा गया है, ताकि तेज हवाओं से पौधे गिरने या टूटने से बच सकें।
आंधी-तूफान के दौरान घरों में रहने की सलाह
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं। कमजोर मकानों और ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहें और खिड़की-दरवाजे बंद रखें। बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें और पानी तथा बिजली के तारों से दूर रहें।
दक्षिण भारत में भी भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर भारत के साथ दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 16 से 18 अक्टूबर के बीच केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। 15 अक्टूबर से केरल और माहे में बारिश बढ़ सकती है। वहीं 16 से 18 अक्टूबर के बीच लक्षद्वीप और दक्षिणी कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में भी कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 15 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आ सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। भारी बारिश के कारण दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में जलभराव, निचले क्षेत्रों में बाढ़ और सड़क व रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी में बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। दक्षिणी अंडमान सागर के आसपास पहले से ही ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी के प्रभाव से कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने अन्य मौसमी सिस्टम का असर भी देश के कई राज्यों में देखने को मिल सकता है।
बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश
आईएमडी के अनुसार ओडिशा में 18 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। बिहार में आज और फिर 15 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश का अनुमान है। 16 से 18 अक्टूबर के दौरान बिहार में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। 13 से 18 अक्टूबर तक असम और मेघालय में बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 15 से 18 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले सात दिनों के दौरान बारिश की संभावना जताई गई है।
कई राज्यों से मानसून की वापसी के लिए अनुकूल मौसम
मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिनों में पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत और उत्तरी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए मौसम अनुकूल हो सकता है। मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी है, लेकिन अलग-अलग मौसमी सिस्टम के कारण देश के कई हिस्सों में अभी भी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने लोगों, किसानों और स्थानीय प्रशासन को मौसम में होने वाले बदलावों को लेकर सतर्क रहने और ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है।