हिमाचल प्रदेश में बरसात के बाद 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग की जाएगी। इस पर 120 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा गिफ्ट डीड होने पर गांवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा।
यह बात लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक डा. हंस राज के सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के पास धन की कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि ईरान-अमरीका युद्ध के कारण तारकोल की कीमतों में बढ़ौतरी से सड़कों की टारिंग प्रभावित हुई है। तारकोल की कीमत बढ़ने से बढ़ी लागत की वजह से होने वाले अतिरिक्त लागत की भरपाई को अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय वहन करेगा।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राज्य में सभी 250 की आबादी वाले गांवों को सड़क से जोड़ने की योजना है और इसके लिए पंचायतों अथवा ग्रामीणों को सरकार को भूमि उपलब्ध करवानी होगी। भूमि की गिफ्ट डीड विभाग के नाम होते ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र के गांवों को भी इसी योजना में शामिल किया जाएगा। इससे पहले विधायक डा. हंस राज ने कहा कि चुराह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत कल्हेल से भल्लीघराट-नेला सड़क को कब तक जुंगराहर, हुदूंड, रैला इत्यादि गांवों से जोड़ा जाएगा।
इसके जवाब में विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि कल्हेल से शिंड सड़क के लिए पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। ऐसे में अब यह सड़क पीएमजीएसवाई-4 के दूसरे बैच के अंतर्गत बनाने का प्रस्ताव है।
स्क्रैप को ठिकाने लगाने के लिए सभी विभागों की बनाई जाए कमेटी : पठानिया
विधायक केवल सिंह पठानिया ने अनुपूरक सवाल करते हुए कहा कि आज अलग-अलग विभागों का करोड़ों रुपए का स्क्रैप पड़ा है। उन्होंने स्क्रैप निपटाने के लिए सभी विभागों की कमेटी बनाने की मांग की।
इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि स्क्रैप को एक ही छत के नीचे कैसे लाया जाए, इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा।
