हिमाचल प्रदेश सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ पात्र परिवारों तक जल्द पहुंचाने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने औपचारिकताएं पूरी करने का अभियान तेज कर दिया है।
योजना के तहत पात्र परिवारों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जिन परिवारों की उपभोक्ता आईडी या राशन कार्ड का विवरण अधूरा है, उसे प्राथमिकता के आधार पर अपडेट किया जा रहा है, ताकि किसी भी पात्र परिवार लाभ से वंचित न रह जाए। लिहाजा इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर रहा है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश में 300 यूनिट फ्री बिजली के लिए चयनित कई परिवारों की उपभोक्ता आईडी सिस्टम में दर्ज नहीं है। वहीं कईयों के राशन कार्ड नंबर भी रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
इसका पता चलते ही राज्य बिजली बोर्ड ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों को पूरी जानकारी जुटा कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए है।
इसके लिए फील्ड स्टाफ को घर-घर संपर्क, फोन कॉल, संदेश और अन्य माध्यमों से लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने को कहा गया है। बोर्ड ने निर्देश दिए है कि इस कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाए, ताकि 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ बिना किसी बाधा के पात्र परिवारों तक पहुंच सके।
उधर, पता चला है कि बिजली बोर्ड के कांगड़ा जोन के तहत 20,388 पात्र उपभोक्ताओं में से 5,204 की उपभोक्ता आईडी सिस्टम में दर्ज नहीं मिली। जबकि 777 लाभार्थियों के राशन कार्ड नंबर भी रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं पाए गए।
इसके बाद बोर्ड ने जल्द से जल्द सभी लंबित विवरण पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट भी भेजनी होगी। बिजली बोर्ड का कहना है कि रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद योजना को लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड ने कहा कि इसी प्रकार की कमियां को तत्काल दूर किया जाए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने बीपीएल समेत अन्य जरूरतमंद परिवारों को 300 यूनिट फ्री बिजली देने का ऐलान किया है।
जिनमें इन परिवारों को प्राथमिकता दी गई है, जिनकी वार्षिक आय 75 हजार या उससे कम है। दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर परिवार, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे सदस्य वाले घर, दिव्यांग, विधवा, एकल एवं तलाकशुदा महिलाओं के परिवार और अनाथ बच्चों की देखभाल कर रहे परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
बहरहाल पात्र परिवारों का पूरा और सही रिकॉर्ड उपलब्ध होने के बाद ही उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
