अनलॉक-4: हिमाचल से बाहर नहीं जाएंगी बसें, बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट

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प्रदेश में आवाजाही के लिए बार्डर पर लगी बंदिशों को हटाने का फैसला चार सितंबर को मंत्रिमंडल की बैठक में होगा। राज्य सरकार ने अनलॉक-फोर की नई गाइडलाइंस जारी करते हुए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को फिलहाल यथावत जारी रखा है। इसके अलावा बाहरी राज्यों के लिए बस सेवा पर भी रोक रहेगी। मंदिरों के खोलने पर भी नई नोटिफिकेशन में एसओपी जारी करने का गोलमोल प्रावधान किया है।

इसके तहत फिलहाल मंदिर भी नहीं खुलेंगे। हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर 21 सितंबर से अध्यापकों को 50 फीसदी स्टाफ के साथ बुलाने की छूट दे दी है। इसके अलावा 9वीं से 12वीं तक के छात्र भी हिमाचल के स्कूलों में स्वैच्छा से आ सकेंगे। पीजी के छात्रों को लैबोरेट्री से जुड़े अध्ययन के लिए संस्थानों में आने की छूट दे दी गई है।

इसके अलावा कौशल विकास संस्थान व आईटीआई खुल जाएंगे। इसके अलावा पीएचडी, तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा के पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को शिक्षण संस्थानों में आने की अनुमति दे दी गई है। शिक्षण संस्थानों के उक्त सभी दिशा-निर्देश 21 सितंबर के बाद लागू होंगे।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार शाम को अनलॉक-4 की गाइडलाइंस जारी कर दी थी। इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के भीतर और राज्य के बाहर किसी भी प्रकार की आवाजाही पर बंदिशों की मनाही की है।

इसके अलावा राज्य सरकार को बिना अनुमति के लॉकडाउन न लगाने की कड़ी हिदायत दी है। इस आधार पर हिमाचल सरकार ने सोमवार को अनलॉक-4 की अलग से गाइडलाइंस जारी कर दीं। इसमें सबसे बड़ा फैसला बार्डर पर लगी बंदिशों को फिलहाल लागू रखने का लिया गया है। पुख्ता सूचना के चलते अब चार सितंबर की प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर चर्चा के बाद बंदिशों को हटाया जाएगा।

राज्य ने भी केंद्रीय गृह मंत्रालय की तर्ज पर 100 लोगों के साथ सामाजिक आयोजनों की अनुमति दे दी है। नई गाइडलाइंस के तहत अब प्रदेश में राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक तथा खेल कार्यक्रमों में 100 लोग भाग ले सकते हैं। केंद्र की तर्ज पर सिनेमाघर और स्वीमिंग पूल पूरी तरह से बंद रहेंगे।

नाईट बस सेवा शुरू करने के फैसले पर पथ परिवहन निगम फिरकी ले रहा है। करीब एक महीना पहले एचआरटीसी ने ट्रायल के तौर पर तीन नाइट बसें शुरू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। इसे बैरंग लौटाते हुए परिवहन विभाग के प्रधान सचिव कमलेश पंत ने कहा था कि कर्फ्यू हटने के बाद एचआरटीसी को नाइट बस शुरू करने के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

हालांकि निगम के एमडी युनुस का कहना है कि इसके लिए एचआरटीसी के चेयरमैन की अनुमति जरूरी है। इस कारण प्रस्ताव अब नए सिरे से चेयरमैन को भेजा गया है। बहरहाल एचआरटीसी की इस फिरकी के बीच प्रदेश की जनता पिस रही है।

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