भारतीय सिनेमा के 100 साल के इतिहास में पहली बार हिमाचल की फीचर फिल्म रिलीज़

सांझभारतीय सिनेमा के 100 साल के इतिहास में पहली बार हिमाचल की पहाड़ी भाषा में बनी और हिमाचल में फिल्माई गयी फिल्म ‘सांझ’ देश भर के सिनेमा घरों में रिलीज हुई। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रिट्ज सिनेप्लेक्स में इस फिल्म का पहला शो दिखाया गया। 11 बजे शुरू हुए शो को देखने के लिए युवाओं में खासा क्रेज दिखा।

फिल्म की संजीदा कहानी और प्रदेश के अनछुए मनोहर प्राकृतिक दृश्यों के साथ स्टीक सामंजस्य को बैठाती इस फिल्म को पहले दिन प्रदेश के लोगों ने जमकर सराहा।

साइलेंट हिल्स स्टूडियो हमीरपुर के बैनर तले बनी और मंडी निवासी अजय सकलानी के निर्देशन में बनी ‘सांझ’ या ‘रिश्तो की सांझ’ फिल्म में में कुल 5 गाने है. इन में से दो गानो को हिमाचल और बॉलीवुड के जाने-माने गायक मोहित चौहान ने गाया है. पवित्रा चारि और गौरव गुलेरिया ने भी इस फिल्म के गानों को आवाज दी है।

फिल्म का म्यूजिक धर्मशाला के रहने वाले गौरव गुलेरिया ने तैयार किया है. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक शिशिर चौहान ने दिया है। फिल्म के गाने आदर्श धीमान, अजय सकलानी तथा श्रेया शाह द्वारा लिखे गए है ।

इस फिल्म को हिमाचल के कुल्लू, सैंज, मंडी, हमीरपुर और स्पिति में फिल्माया गया है। इसके अतिरिक्त फिल्म के कुछ सीन चंडीगढ़ में फिल्माए गए हैं। इस फिल्म की शूटिंग 90 प्रतिशत हिमाचल में और 10 प्रतिशत मोहाली में हुई है। फिल्म निर्माण में करीब डेढ़ साल लगा। फिल्म का निर्माण 1.25 करोड़ की लागत से हुआ है।

‘सांझ’ फि ल्म के अभिनेता विशाल परपग्गा और अदिति चाडक का दमदार अभिनय है जो ग्लैमर से परे हिमाचल के गांवों की सादगी को पर्दे पर उतारने में काफी हद तक सफल रहे हैं।

फिल्म के निर्माता निर्देशक अजय सकलानी और सहयोगी निर्माता शिवानी सकलानी के अनुसार ‘सांझ’ फिल्म शहरों की तरफ होते पलायन के चलते अपनों से बिछुडऩे और अकेलेपन की कहानी है। यह कहानी दादी और पोती की नजर से दिखाई गयी है। पोती जो शहर में अपने माता- पिता के साथ रहती है और उसे जबरदस्ती गांव में उसकी दादी के पास छोड़ दिया जाता है। दादी और पोती जो कभी एक दूसरे के साथ नहीं रहे, उनके बीच के रिश्ते पर यह कहानी घूमती है। एक दूसरे से संशय, मनमुटाव, तकरार और प्यार के बीच आगे बढ़ती यह कहानी गांव में रहने वाले बुजुर्गों के अकेलेपन को दर्शाती है।

बॉलीवुड के प्रसिद्ध कलाकार आसिफ बसरा और तरणजीत कौर बॉलीवुड के जाने माने चेहरे हैं जिन्होंने इस फिल्म में अहम भूमिका निभाई है।

1 घंटा 50 मिनट की फिल्म सांझ प्रदेश की पहली हिमाचली भाषा में बनी पहली फीचर फिल्म है। बॉलीवुड कलाकारों के साथ-साथ प्रदेश के स्थानीय रंगमंच के कलाकारों ने भी इस फिल्म में किरदार निभाए हैं।

‘सांझ’ फिल्म बड़े पर्दे पर नजर आने से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब चर्चा बटोर रही है और अभी तक दो अंतरराष्ट्रीय सम्मान जीत चुकी है।

अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुए बौरेगो स्प्रिंग्स फिल्म फेस्टिवल में फिल्म ‘सांझ’ को बेस्ट फीचर फिल्म से सम्मानित किया गया है। इस फेस्टिवल में दुनियाभर से आई 750 फिल्मों से सांझ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म घोषित किया गया।

पहली बार हिमाचली लिखित बोली टांकरी का इस्तेमाल

जिला मंडी के अजय सकलानी द्वारा निर्मित हिमाचली फिल्म सांझ के पोस्टर और कास्टिंग में हिन्दी व अंग्रेजी के अलावा हिमाचली लिखित बोली टांकरी का भी इस्तेमाल किया गया है। यह पहली बार है कि किसी फीचर फिल्म में हिमाचली लिखित बोली टांकरी का इस्तेमाल हुआ है। इस फिल्म के जरिए फिल्म की टीम ने पहाड़ी भाषा और बुजुर्गों को अंधेरे से उजाले की ओर लाने का प्रयास किया है और इस फिल्म की कहानी दादी-पोती के इर्द-गिर्द घूमती है। आगामी दिनों में यह फिल्म कई अन्य शहरों में भी रिलीज होगी।

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